नोपानी एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए श्याम अग्रवाल

स्पष्टता न्यूज

कोलकाता। नोपानी एलुमनाई एसोसिएशन (एनएए) ने अपनी नई नेतृत्व टीम का गठन किया है, जिसमें श्याम अग्रवाल (बैच 2005) ने एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है। उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष नवगठित टीम विभिन्न बैचों और पीढ़ियों के नोपानियन्स (पूर्व छात्रों) को एक साथ लाती है, जो व्यापक भागीदारी, मजबूत पूर्व छात्र जुड़ाव और संस्थागत निरंतरता को बढ़ावा देने के एसोसिएशन के प्रयास को दर्शाती है।


पदाधिकारियों में सुशील मल्ल (1987), उपाध्यक्ष; शशिकांत सोनी (2006), सचिव, विक्रम नरसारिया (1993), कोषाध्यक्ष; आशीष मोहता (1996), संयुक्त सचिव; और निखिल सुरेका (2002), संयुक्त कोषाध्यक्ष शामिल हैं। बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ में नरेंद्र कुमार तुलस्यान (1977), मनीष कियाल (1995), अमित सुभाष जैन (1998), गौरव माथुर (2001), और संजय पटेल (2007) शामिल हैं। पदभार संभालने पर अध्यक्ष श्याम अग्रवाल ने नई टीम पर भरोसा जताने के लिए एसोसिएशन के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और पिछले कुछ वर्षों में एनएए को मजबूत करने में निवर्तमान नेतृत्व के योगदान की सराहना की। आगामी प्राथमिकताओं के बारे में बात करते हुए अग्रवाल ने कहा, “हमारा प्रयास एक समावेशी, परस्पर जुड़े और भविष्य के लिए तैयार एनएए का निर्माण करना होगा, जहाँ सभी पीढ़ियों के नोपानियन्स को एक साथ जुड़ने, योगदान देने और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। हम नेटवर्किंग, मेंटरशिप (मार्गदर्शन), ज्ञान साझा करने और सहयोग के लिए सार्थक मंच बनाते हुए अपने वरिष्ठ और युवा पूर्व छात्रों के बीच के रिश्ते को मजबूत करना चाहते हैं।”


नया नेतृत्व विभिन्न बैचों के बीच मजबूत जुड़ाव, पेशेवर और व्यावसायिक नेटवर्किंग, युवा पूर्व छात्रों के लिए मेंटरशिप और करियर मार्गदर्शन, ज्ञान एवं कौशल विकास की पहलों, प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग, एसोसिएशन की विरासत व रिकॉर्ड के संरक्षण, और सुशासन व संस्थागत प्रक्रियाओं को निरंतर मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने का प्रस्ताव रखता है। एसोसिएशन अपने मातृ संस्थान (अल्मा मेटर) के साथ अपने जुड़ाव को गहरा करने का भी प्रयास करेगी और पूर्व छात्रों को अपने समय, ज्ञान, अनुभव, मार्गदर्शन और संसाधनों के माध्यम से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी। सहभागी शासन (पार्टिसिपेटिव गवर्नेंस) पर जोर देते हुए, नई टीम ने सभी नोपानियन्स को अपने विचार और सुझाव सीधे किसी भी ट्रस्टी या पदाधिकारी के साथ साझा करने के लिए आमंत्रित किया है। नेतृत्व का मानना है कि आने वाले वर्षों में एसोसिएशन की पहलों को आकार देने में व्यापक भागीदारी और खुला संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। नई टीम ने दोहराया कि एनएए अपने पूर्व नेतृत्व द्वारा रखी गई नींव को और मजबूत करना जारी रखेगा, साथ ही सभी पीढ़ियों के पूर्व छात्रों के नए विचारों और उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा। नोपानी एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से सचिव शशिकांत सोनी ने यह जानकारी दी।


नये अध्यक्ष श्याम अग्रवाल ने स्पष्टता न्यूज से कहा कि आज हमारा सातवीं वार्षिक आम बैठक हुई और मैं प्रेसिडेंट घोषित किया गया हूं। मेरा यह सफ़र 7 साल पहले शुरू हुई, जब इस एसोसिएशन की नींव रखी जा रही थी। कार्यकारिणी में भी काम किया हुआ है। पहले मैं ट्रस्टी रह चुका हूँ, जहां मैंने ट्रेज़रर (कोषाध्यक्ष) और सेक्रेटरी (सचिव) की भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि तो मेरे दिमाग में बहुत सारी चीज़ें हैं। हमारी टीम बहुत ही कर्मठ और एक्टिव टीम है। और हमने यही एक प्रण लिया है कि आगे आने वाले जो भी एक साल हैं, उसमें हम इवेंट्स की मात्रा बढ़ाएँगे और मेंबर्स को जोड़ने का कार्य करेंगे। न केवल यह, हम लोग यह भी कोशिश करेंगे कि आज जो हमारे 1,500 मेंबर्स की संस्था है, इसमें मेंबरशिप ड्राइव के ज़रिए और नए मेंबर्स जोड़ें।


सचिव शशिकांत सोनी ने कहा कि हमारा एसोसिएशन पिछले 7 साल से एक ऐसे बंधन में बँधा हुआ है जहाँ हमारे बीच भले ही कुछ छोटे-मोटे मनमुटाव होते रहे हों, लेकिन बड़े स्तर पर कभी ऐसा नहीं रहा है। पुराने ट्रस्टीज़ में से कुछ बाहर गए हैं, कुछ नए आए हैं। हमारा मुख्य फ़ोकस वही रहेगा कि हम कैसे ज़्यादा से ज़्यादा स्टूडेंट्स को वापस अपने एसोसिएशन में जोड़ सकें।
निवर्तमान अध्यक्ष मनीष बजाज ने कहा कि साल 25 से 26 तक मैं प्रेसिडेंट रहा। इस बार चेष्टा यह थी कि हम अपने स्कूल में सरस्वती पूजा करें। प्रिंसिपल सर ने हमें परमिशन दी और हमने वहां सरस्वती माँ को पुष्पांजलि दी। हम लोगों ने नया एक प्रोग्राम किया ‘सुर संगम’, जिसमें हमारे एलुमनाई के सारे मेंबर्स ने अच्छा से प्रेजेंटेशन किया। लोगों ने ब्लड डोनेशन किया। 69 यूनिट्स रक्त लायंस क्लब को दिया गया। पूर्व प्रेसिडेंट संदीप लोहिया ने कहा कि नोपानी विद्यालय, बड़ा बाज़ार ने 80 और 90 के दशक पूरे कलकत्ता शहर में बड़ा नाम था। एक ज़माने का हिंदी मीडियम स्कूल, आगे जाके इंग्लिश मीडियम स्कूल में कन्वर्ट हुआ। नोपानी विद्यालय एक ऐसी फैक्ट्री थी जो सीए, सीएस और एमबीए को प्रोड्यूस करती थी। हमें गर्व होता है कि हम नोपानी विद्यालय से पढ़े हुए हैं। डॉ. राकेश अग्रवाल ने कहा कि 2019 में हमारा एसोसिएशन बना और क़रीब हम लोग 10 लोग मिले थे। तो 10 लोगों से आज हमारे पास क़रीब 1,550 मेंबर्स हैं। कुछ क्रिकेट के प्रोग्राम्स किए, कुछ बिज़नेस नेटवर्किंग हुआ। तो मेरे ख़्याल से इस साल की टीम भी बहुत अच्छी है।
पास्ट सेक्रेटरी विनोद मोहता ने कहा की संगठन बहुत पुराना नहीं है 2018-19 का है नोपानी स्कूल 1950 की संस्था है मैं इसका पहला लाइफ मेंबर हूं लक्ष्मी नारायण मित्तल नोपानी के छात्र हैं।
वाइस प्रेसिडेंट सुशील कुमार मल्ल ने कहा कि मैं इसका लास्ट ईयर भी वाइस प्रेसिडेंट था संगठन के बने 7 साल हो गए हैं इसका मुख्य उद्देश्य है सभी मेंबर को एक प्लेटफार्म पर लेकर आए

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